लुधियाना में टारगेट किलिंग की साजिश नाकाम : खालिस्तान कमांडो फोर्स से जुड़े दो आरोपी एक पिस्तौल सहित काबू

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गिरफ्तार आरोपियों ने लुधियाना में सरकारी व प्रमुख कार्यालयों की रेकी की थी: डीजीपी गौरव यादव, मामले के आगे-पीछे के संबंध स्थापित करने के लिए आगे की जांच जारी: एआईजी एसएसओसी डी सुधरविजी

लुधियाना/चंडीगढ़, 7 जनवरी (राजकुमार साथी/दीपक)। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों के अनुसार पंजाब को सुरक्षित बनाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत, खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एसएसओसी) एसएएस नगर ने काउंटर इंटेलिजेंस लुधियाना के समन्वय से, विदेशी हैंडलरों के निर्देशों पर टारगेट किलिंग की घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे लुधियाना-आधारित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से एक 9 एमएम पिस्तौल तथा पांच जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। यह जानकारी आज यहां पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने दी। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान करनबीर सिंह निवासी हैबोवाल कलां, लुधियाना तथा अवतार सिंह निवासी न्यू शिमलापुरी, मिलरगंज, लुधियाना के रूप में हुई है। आरोपी अवतार सिंह का आपराधिक पृष्ठभूमि है और उसके विरुद्ध आर्म्स एक्ट तथा आईपीसी एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं। डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी खालिस्तान कमांडो फोर्स (केसीएफ) से जुड़े यूके और जर्मनी आधारित हैंडलरों के संपर्क में थे और कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़े हुए थे। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने अपने हैंडलरों के निर्देशों पर साजिश के तहत लुधियाना में सरकारी तथा प्रमुख कार्यालयों की रेकी की थी। डीजीपी ने बताया कि जांच से यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपियों को कुछ अन्य चिन्हित व्यक्तियों से संबंधित जानकारी एकत्र करने और जमीनी स्तर पर कार्रवाई करने का कार्य सौंपा गया था। इस ऑपरेशन की जानकारी देते हुए एआईजी एसएसओसी एसएएस नगर डी सुधरविजी ने बताया कि क्षेत्र में टारगेट किलिंग की साजिश रचे जाने संबंधी विश्वसनीय सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एसएसओसी एसएएस नगर की एक संयुक्त टीम ने काउंटर इंटेलिजेंस लुधियाना के साथ मिलकर ऑपरेशन चलाया और दोनों आरोपियों को लुधियाना से गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान अवतार सिंह के खुलासे पर उसके कब्जे से एक 9 एमएम पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद किए गए। एआईजी ने बताया कि जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि दोनों आरोपी कट्टरपंथी थे और इन्हें विदेशी हैंडलरों द्वारा भर्ती कर सोशल मीडिया पर कट्टरपंथी सामग्री साझा करने का कार्य सौंपा गया था। उन्होंने बताया कि इस मामले में आगे-पीछे के संबंध स्थापित करने के लिए आगे की जांच जारी है। इस संबंध में दिनांक 05.01.2026 को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 113(5) एवं 61(2) के तहत थाना एसएसओसी एसएएस नगर में एफआईआर नंबर 1 दर्ज की गई है।

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