दिवाली से पहले फूड सेफ्टी विभाग की सख्ती, दोराहा, खन्ना और पायल में विशेष जांच अभियान

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जांच के लिए भेजे गए 7 सैंपल; गंदगी मिलने पर मिठाई की दुकान और रेस्टोरेंट के चालान जारी

लुधियाना, 21 अक्टूबर (राजकुमार साथी) । दिवाली के त्योहार के मद्देनजर लोगों को सुरक्षित, शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध करवाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के फूड सेफ्टी विंग द्वारा जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष चावला के नेतृत्व में दोराहा, खन्ना और पायल क्षेत्र में विशेष जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान मिठाई की दुकानों, किराना स्टोरों, फास्ट फूड प्रतिष्ठानों, रेस्टोरेंटों और अन्य खाद्य पदार्थों की बिक्री करने वाले प्रतिष्ठानों की जांच की गई। अभियान के दौरान विभिन्न खाद्य पदार्थों के कुल 7 सैंपल लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए, जबकि अस्वच्छ परिस्थितियां पाए जाने पर एक मिठाई की दुकान और एक रेस्टोरेंट के चालान जारी किए गए। डॉ. आशीष चावला ने बताया कि दिवाली के दौरान मिठाइयों, दूध से बने उत्पादों, नमकीन और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना, मिलावटखोरी पर रोक लगाना और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की रक्षा करना विभाग की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के साथ-साथ दुकानों और खाद्य प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई के प्रबंधों की भी जांच की जा रही है। जांच के दौरान मिल्क केक, बेसन बर्फी, पान मसाला, नमक और अन्य संबंधित खाद्य पदार्थों के कुल 7 सैंपल लिए गए। इन्हें निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार संबंधित प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के संबंध में अंतिम निष्कर्ष प्रयोगशाला की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही सामने आएंगे। रिपोर्ट के आधार पर फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। अभियान के दौरान एक मिठाई की दुकान और एक रेस्टोरेंट में साफ-सफाई के निर्धारित मानकों का पालन नहीं होने पर मौके पर चालान जारी किए गए। संबंधित मामलों में कानूनी प्रक्रिया के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी तथा चालान माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किए जाएंगे। विभाग ने दुकानदारों को निर्देश दिए कि खाद्य पदार्थ तैयार करने, रखने और बेचने वाले स्थानों, बर्तनों, मशीनों, काउंटरों तथा भंडारण क्षेत्रों को साफ-सुथरा रखा जाए। खाद्य पदार्थों को मक्खियों, धूल, कीड़े-मकोड़ों और अन्य दूषित करने वाले तत्वों से बचाकर रखा जाए।
डॉ. चावला ने हलवाइयों, मिठाई विक्रेताओं, डेयरी संचालकों, रेस्टोरेंट मालिकों और किराना दुकानदारों से अपील की कि वे गुणवत्तापूर्ण कच्चे माल का इस्तेमाल करें तथा किसी भी गैर-अनुमोदित सामग्री, रंग या हानिकारक पदार्थ का उपयोग न करें। दूध से बनी मिठाइयों और जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थों को उचित तापमान पर रखा जाए। खाद्य तेल की गुणवत्ता का ध्यान रखा जाए और निर्धारित मानकों का उल्लंघन करते हुए इस्तेमाल किए गए तेल का दोबारा उपयोग न किया जाए। सभी खाद्य कारोबार संचालकों के पास लागू नियमों के अनुसार वैध एफएसएसएआई लाइसेंस या पंजीकरण होना भी आवश्यक है।
उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि दिवाली के दौरान मिठाइयां और अन्य खाद्य पदार्थ खरीदते समय सावधानी बरतें। विश्वसनीय दुकानों से ही सामान खरीदें, पैक किए गए उत्पादों की निर्माण एवं समाप्ति तिथि तथा लेबल की जांच करें और संदिग्ध या खराब खाद्य पदार्थों की खरीद से बचें। यदि किसी खाद्य पदार्थ में मिलावट या गुणवत्ता संबंधी संदेह हो तो इसकी सूचना फूड सेफ्टी विभाग को दें।
विभाग ने स्पष्ट किया कि दिवाली के त्योहार के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष जांच अभियान जारी रहेगा। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 और इसके तहत लागू नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

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